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Wednesday, February 27, 2019

रफी एहमद किदवई एजुकेशन सोसायटी द्वारा 3 दिवसीय विज्ञान पर अधारित प्रशिक्षण का कार्यक्रम किया गया

रफी एहमद किदवई एजुकेशन सोसायटी द्वारा 3 दिवसीय विज्ञान पर अधारित प्रशिक्षण का कार्यक्रम किया गया

स्वयं सेवी संस्था, रफी एहमद किदवई एजुकेशन सोसायटी द्वारा म.प्र. विज्ञान एवं प्रौघोगिकी परिषद (M.P. COST) के सहयोग से तीन दिवसीय विज्ञान पर अधारित प्रशिक्षण का कार्यक्रम किया गया जिसमें वेस्ट पेपर से खिलौने, घर के डेकोरेशन की वस्तुए बनाना, Craft Cuting and Origami के कई आईटम बनाना बच्चों को सिखाया गया। इन कार्यक्रमों में 5 विभिन्न शालाओं के 116 छात्र-छात्राओं ने तथा 2 मदरसों के 78 बच्चों ने भाग लिया।



इन कार्यक्रमों में माडल हा.से. स्कूल के प्रार्चाय का बहुत सहयोग रहा यह कार्यक्रम इसी शाला में किया गया। विज्ञान पर आधारित प्रश्र मंच में सही जवाब देने वाले बच्चों को प्रार्चाय एवं डा. गोरी शंकर शर्मा द्वारा पुरूस्कार वितरित किये गये।
संस्था अध्यक्ष डा. एस. आर. अली ने कहा कि में बहुत  अभारी हूँ।
(M.P. COST) एवं उसके मंत्री माननीय श्री पी.पी.शर्मा जी का जिन्होने शा. शालाओं के बच्चों के साथ मदरसों के बच्चों के हित में कदम उठाकर डेकोरेशन के आइटम बनाने के प्रशिक्षण हेतु इस संस्था को आदेशित किया।

Sunday, February 24, 2019

छत्तीसगढ़ में पैसे की कमी नहीं है, जनहित और प्रदेश के विकास में किए गए सभी वादे पूरा करेंगे: मुख्यमंत्री भुपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में पैसे की कमी नहीं है, जनहित और प्रदेश के विकास में किए गए सभी वादे पूरा करेंगे: मुख्यमंत्री भुपेश बघेल

मां शांकभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का कवर्धा जिले में प्रथम आगमन पर अभूतपूर्व स्वागत

  रायपुर, 24 फरवरी 2019
 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन एवं खनिज संपदा से परिपूर्ण प्रदेश है यहां पैसे की कोई कमी नहीं है, उनकी सरकार द्वारा जनहित और प्रदेश के विकास में किए गए सभी वादे पूरा करेगी। 
मुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिले के ग्राम पाढ़ी  में मरार पटेल समाज द्वारा आयोजित मां शांकभरी महोत्सव का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया और इस आयोजन के लिए मरार पटेल समाज सहित सभी क्षेत्रवासी को बधाई एवं शुभकामना दी। मुख्यमंत्री के कवर्धा जिला में प्रथम आगमन पर विशाल पुष्प माला पहनाकर और हल(नागर) भेंट कर उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की खुशहाली के लिए किसानों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनायेंगे। इस दिशा में भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए नदी, नालों, चेकडेम(नरवा) आदि के संवर्धन तथा मवेशियों(गरूवा) के संरक्षण के लिए पंचायतों में तीन से पांच एकड़ जमीन चिन्हित कर गौठान बनाया जायेगा, जहां चारा-पानी, प्लेट फार्म, शेड आदि की व्यवस्था की जायेगी। 
उन्होंने कहा कि घुरूवा विकास के तहत वर्मी एवं कम्पोस्ट खाद तैयार करने के साथ ही गोबर गैस से ईधन की पूर्ति की जायेगी। बाड़ी विकास के तहत साग-सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जायेगा तथा इसके लिए किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए बाजार व्यवस्था भी की जायेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ही “नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी“ विकास की योजना शुरू की गई है।
 मुख्यमंत्री ने भारी बहुमत से नई सरकार बनाने के लिए जनता को खासकर अन्नदाता किसानों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद दो घंटे में ही किसानों के कर्ज माफी का निर्णय लिया और दस हजार करोड़ रूपये से ज्यादा की कर्जमाफी किया गया। इसके साथ ही 2500 रूपये प्रति क्विंटल धान की खरीदी की गई। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता ढाई हजार रूपये से बढ़ाकर चार हजार रूपये किया गया तथा बस्तर क्षेत्र में 17 सौ किसानों की जमीन वापस कराई गई।
    खाद्य, वन एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्राथमिकता धारी हर परिवार को हर माह 35 किलो चावल दिया जायेग। उन्होंने किसानों को अपनी सुविधा और मर्जी के अनुसार बोर खनन के लिए बोर खनन पर लगी प्रतिबंध को हटाने, 83 गांवों में जमीन की खरीद ब्रिक्री पर लगी रोक हटाने, भोरमदेव टाईगर रिजर्व प्रोजेक्ट निरस्त कराने के साथ ही किसानों का कर्जमाफी, 25 सौ रूपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जानकारी देते हुए कहा कि जनता ने हम पर जो विश्वास किया है, उस पर हम खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 
 मुख्यमंत्री ने पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर द्वारा की गई विभिन्न मांगों- जलाशय विकास, अस्पताल, नगर पंचायत का दर्जा, आईटीआई, महाविद्यालय, पहुंच मार्ग आदि को अगले पांच साल में पूरा करने का आश्वासन दिया।

पंडरिया विधायक श्री ममता चंद्राकर ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शुरू किये गये योजना के बारे में बताया और कहा कि बाड़ी विकास में मरार पटेल समाज का बहुत बड़ा योगदान है। 
महोत्सव में पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री सीता राम पटेल एवं व्यापारी संघ के पदाधिकारी ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री बैजनाथ चंद्राकर, मरार समाज के प्रमुख श्री दिलीप पटेल, श्री सुरेश पटेल, श्री बिहारी पटेल सहित श्री कन्हैया अग्रवाल, श्री लालजी चंद्रवंशी, श्री शिव कुमार चंद्रवंशी, श्री रामकृष्ण साहू, कलीम खान, श्री तुका राम चंद्रवंशी, जिला पंचायत के सीईओ एवं प्रभारी कलेक्टर श्री कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

बैलाडीला संघर्ष समिति (किरंदुल बचेली) के प्रतिनिधि मंडल ने कल रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा..

बैलाडीला संघर्ष समिति (किरंदुल बचेली) के प्रतिनिधि मंडल ने कल रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा..

रायपुर, बैलाडीला संघर्ष समिति (किरंदुल बचेली) के प्रतिनिधि मंडल ने कल रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा।

मुख्यमंत्री बघेल प्रांतीय कोटवार संघ के सम्मेलन में शामिल हुए

मुख्यमंत्री बघेल प्रांतीय कोटवार संघ के सम्मेलन में शामिल हुए

मुख्यमंत्री ने की कोटवार परिवारों को 35 किलो चावल एवं मनरेगा में काम देने की घोषणा

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के विकासखंड मुख्यालय पाटन में आयोजित प्रांतीय कोटवार संघ के अभिवादन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक कोटवार परिवारों को 35 किलो चावल एवं मनरेगा के तहत रोजगार देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोटवार मेहनतकश होते है। शासन-प्रशासन का काम मुस्तैदी से करते है। गांव में कोटवारों का बहुत सम्मान होता है। जब गांव में कोई बाहरी व्यक्ति आता है तब सबसे पहले कोटवार को ही पूछता है और उससे मिलता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि कोटवारों को दी गयी भूमि का मालिकाना हक दिए जाने के लिए आवश्यक दस्तावेजो का परीक्षण किया जाएगा। कोटवारों के सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं संघ के अनेक जिलों से आये पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने सुराजी गांव योजना मार्गदर्शिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री ने सुराजी गांव योजना मार्गदर्शिका का किया विमोचन

 रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय बेमेतरा में प्रवास के दौरान चार दिवसीय कृषि मेला में शामिल हुए। उन्होंने यहां छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बारी, गांव ल बचाना हे संगवारी पर केन्द्रित सुराजी गांव मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में प्रदेश के चार चिन्हारी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार द्वारा किये जाने वाले प्रावधान का उल्लेख किया गया है। विमोचन के दौरान प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, विधायक नवागढ़ श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे, विधायक पंडरिया श्रीमती ममता चन्द्राकर और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी.राव, सचिव कृषि श्री हेमंत पहारे, कलेक्टर श्री महादेव कावरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
 
मुख्यमंत्री ने किया लोक मड़ई एवं कृषि मेले का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने किया लोक मड़ई एवं कृषि मेले का शुभारंभ

किसानों की आर्थिक हालत तथा खेतों की सेहत सुधारने में कारगर होगी प्रदेश सरकार की चार चिन्हारी योजना:  भूपेश बघेल
रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम राजनांदगांव जिले के विकासखंड मुख्यालय डोंगरगांव में तीन दिवसीय लोक मड़ई एवं कृषि मेले का शुभारंभ किया। श्री बघेल ने इस अवसर पर स्थानीय जनता को बधाई देते हुए कहा कि सालों से आयोजित हो रही लोक मड़ई के साथ कृषि मेले को जोड़ा गया है। इससे लोक मड़ई का स्वरूप भव्य हो गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू ने लोक संस्कृति के संरक्षण एवं सवर्धन के लिए अच्छा कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने लोक मड़ई एवं कृषि मेले के इस साल के आयोजन के लिए 5 लाख रूपए की मंजूरी दे दी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने समारोह की अध्यक्षता की। 
    मुख्यमंत्री ने समारोह में लगभग 6 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। श्री बघेल ने सभी अतिथियों के साथ सबसे पहले कृषि मेले में लगे विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने समारोह में लोक मड़ई के संदर्भ में प्रकाशित लोक मड़ई पत्रिका का विमोचन भी किया।     
    श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खेती किसानी को अधिक फायदेमंद बनाने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की हैं। किसानों को खुशहाल बनाने के लिए खेती की लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी योजना खेतों की सेहत सुधारने तथा किसानों और खेतिहर मजदूरों की आय बढा़ने में सफल होगी। नरवा विकास योजना के तहत गांवों के आस-पास बहने वाले नालों को रिचार्ज किया जाएगा। इसके लिए चेक डेम और स्टाप डेम बनाये जाएंगे। इससे सतही जल के साथ-साथ भू-जल भी बढ़ेगा। खेतों की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था होगी। पशुधन संरक्षण के लिए गांवों में कम से कम तीन एकड़ में गोठान बनाया जाएगा। गोठान में पशुओं के चारा, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। चारा-पानी और चरवाहों के मानदेय की व्यवस्था सरकार की ओर से होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब फिर से जैविक खेती का जमाना आ गया है। घुरवा योजना से जैविक खाद तैयार की जाएगी। छोटे-छोटे किसानों को साग, सब्जी, फल, फूल और दलहनी-तिलहनी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने बाड़ी योजना बनाई गई है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला खनिज निधि से सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए प्राथमिकता से कार्य स्वीकृत किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दो महीने के कार्यकाल में प्राथमिकता के आधार पर हर वर्ग के हित में फैसले लिए गए हैं। किसानों से अब हर साल 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी। राशन कार्ड धारी सभी परिवारों को 35 किलो चावल हर महीने दिया जाएगा। चार सौ यूनिट तक घरेलू बिजली की खपत होने पर बिजली बिल को आधा माफ किया जाएगा। श्री बघेल ने समारोह में उपस्थित लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि डोंगरगांव के जन सहयोग मैदान में स्टेडियम बनाने का कार्य प्रदेश सरकार करेगी। उन्होंने जन सहयोग के 50 लाख रूपए से मैदान के समतलीकरण कराने के लिए स्थानीय जनता की सराहना की।  
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने अपने उद्बोधन में लोक मड़ई एवं कृषि मेले के सफल आयोजन के लिए जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लोक मड़ई के जरिए वर्षों से छŸाीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसमें इस साल से कृषि मेला भी जुड़ गया। डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि लोक मड़ई स्थानीय स्तर पर परंपरा का स्वरूप ले चुकी है। सालों से इसका आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के विशेष सहयोग से इस साल कृषि मेले को लोक मड़ई के साथ आयोजित किया जा रहा है। इससे लोक मड़ई का आकर्षण बढ़ गया है। विधायक श्री साहू ने लोक मड़ई एवं कृषि मेला आयोजन स्थल जन सहयोग मैदान में स्टेडियम निर्माण के साथ अन्य विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। 

लगभग 6 करोड़ रूपए के कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समारोह में 6 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने डोंगरगांव में ऑडिटोयिम (स्वीकृत राशि 50 लाख रूपए), वृद्धा आश्रम डोंगरगांव (स्वीकृत राशि एक करोड़ 15 लाख रूपए), धान संग्रहण केन्द्र विश्राम शेड सेवताटोला डोंगरगांव (स्वीकृत राशि 29 लाख 44 हजार रूपए), धान संग्रहण केन्द्र विश्राम शेड बीजाभांठा (स्वीकृत राशि 20 लाख रूपए), उप स्वास्थ्य केन्द्र भोथली (स्वीकृत राशि 20 लाख 45 हजार रूपए), नलजल योजना किरगी (स्वीकृत राशि 27 लाख 17 हजार रूपए), गोठान निर्माण 5 नग  जनपद पंचायत डोंगरगांव (स्वीकृत राशि 62 लाख 31 हजार रूपए) तथा तालाब सौन्दर्यीकरण डोंगरगांव (स्वीकृत राशि 50 लाख रूपए) का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने हाट बाजार डोंगरगांव लागत एक करोड़ 42 लाख रूपए, सीसी रोड डोंगरगांव लागत 56 लाख रूपए और नाली निर्माण डोंगरगांव  लागत 33 लाख रूपए का लोकार्पण किया। 
    समारोह में छŸाीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री श्री धनेश पाटिला, जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा वर्मा, उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र दाऊ वैष्णव, नगर पंचायत डोंगरगांव की अध्यक्ष श्रीमती संध्या साहू सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री दिलीप वासनिकर, कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य, पुलिस अधीक्षक श्री कमलोचन कश्यप, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

Friday, February 8, 2019

 छत्तीसगढ़ में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनेगा विशेष सेल: भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनेगा विशेष सेल: भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री शामिल हुए सतत विकास लक्ष्यों पर संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में 

रायपुर: राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में पांचवीं विधानसभा में प्रथम बार निर्वाचित हुए विधायकों के लिए ’सतत विकास लक्ष्यों पर संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण’ कार्यशाला का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों का उद्देश्य जनकल्याण है। विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। राज्य में सतत विकास हेतु निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) का गठन किया जाएगा, जो कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही इन कार्यों की निगरानी भी करेगा। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि मानव कल्याण के लिए जन घोषणा पत्र में 36 बिन्दु शामिल हैं, जिनकों प्राप्त करने के लिए शासन द्वारा कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इन बिन्दुओं में मानव जीवन, कृषि, पशुपालन, जल संरक्षण एवं संवर्धन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा एवं रोजगार आदि महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी- नरवा, गरूवा, घुरवा और बारी पर ध्यान देने के लिए कार्य योजना बनाई है। इस कार्य को संबंधित विभाग मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां भूमिगत जल बहाव के चित्र सेटेलाइट के माध्यम से लिए गए हैं। सतही जल को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से कार्य करना है। ज्यादा से ज्यादा वाटर रिचार्जिंग हो, भूमिक्षरण रोका जा सके, इस दिशा में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था और गौठान की सुरक्षा का कार्य किया जाएगा। गरूवा अर्थात गाय जो दूध देने का काम करती है, उसे फिर से किसानों की आर्थिक ताकत बनाने के लिए प्रदेश की 20 हजार से अधिक पंचायतों में गौठान का चिन्हांकन और चारागाह की सुरक्षा के लिए स्थान चिन्हांकित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इस कार्य से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। गोबर गैस प्लांट से मात्र 300 से 400 रूपए में भोजन पकाने की व्यवस्था होगी और कम्पोस्ट खाद के उपयोग से रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी। भूमिक्षरण को रोकने जल संरक्षण का कार्य किया जाएगा। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि योजना विभाग जो कार्य योजना बनाता है, उसमें सभी का व्यापक हित सम्मिलित होता है। सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य के संसाधनों का संतुलित उपयोग हो और इसका प्रभावी असर लम्बे समय तक रहे। यह कार्यशाला लक्ष्यों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रारंभिक पहल है। लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी के सहयोग से नियोजित रूप से कार्य करते हुए बेहतर परिणाम प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। 
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान ने अपने उद्बोधन में कहा कि सतत विकास वैश्विक अवधारणा है। सतत विकास लक्ष्य और ‘जन-घोषणा पत्र’ में शामिल बिन्दुओं में अनेक समानताएं है। सतत विकास लक्ष्य कुछ सीमा तक ‘अंतर्पीढि़य समता’ अर्थात ‘इंटरजनरेशन इक्विटी’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य है कि मानव कल्याण कार्य में कोई भी व्यक्ति विकास की धारा में ना छूटे। जन घोषणा पत्र में इन लक्ष्यों के निर्धारण में व्यक्ति की जन आकांक्षाओं को जनता से चर्चा करके तैयार किया गया है। इसके साथ ही पृथ्वी एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए ‘नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी’ की योजना का क्रियान्वयन और शांति स्थापित करने की दिशा में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। आर्थिक समृद्धि हेतु सभी का आर्थिक रूप से विकास हो तथा समुदाय के उन्नयन और विकास में सभी की सहभागिता हो, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऑक्सफेम इंडिया श्री अमिताभ बेहार, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के योजना, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ डॉ. के.डी. मैटी सहित नवनिर्वाचित विधायक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।