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Saturday, November 10, 2018

शिवराज सिंह बोले, अरुण यादव को कांग्रेस ने बनाया बलि का बकरा

शिवराज सिंह बोले, अरुण यादव को कांग्रेस ने बनाया बलि का बकरा


भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को बुधनी सीट से उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने पर तंज कसते हुए इशारों ही इशारों में कहा कि कांग्रेस उन्हें  बलि का बकरा बना रही है।बुधनी मुख्यमंत्री चौहान की परंपरागत सीट है और यह सीहोर जिले में आती है। इस सीट से चौहान चार बार विधायक रह चुके हैं और इस बार पांचवीं बार मैदान में उतरे हैं।
चौहान एवं यादव दोनों ओबीसी वर्ग से आते हैं और दोनों अपने को किसान पुत्र बताते हैं। चौहान ने कांग्रेस द्वारा अरुण यादव को बुधनी सीट से उतारे जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘हम सीधे-साधे पिछड़े लोग कई बार शिकार होते रहते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अरुण यादव के साथ तीन महीने में दूसरी बार अन्याय हुआ है। पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर उनके साथ (कांग्रेस ने) अन्याय किया। और अब बुधनी से टिकट दिया। चौहान ने कहा, ‘‘मैं कार्यकर्ताओं से निवेदन करता हूं कि अरुण यादव को बुधनी में यथोचित सम्मान मिले।
MP विधानसभा चुनाव के लिए 2800 लोगों ने भरा नामांकन

MP विधानसभा चुनाव के लिए 2800 लोगों ने भरा नामांकन

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुक्रवार को खत्म हो गए. नामांकन के आखिरी दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन भरे.


मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव-2018 की अधिसूचना जारी होने के बाद से 9 नवंबर शाम 6 बजे तक पूरे प्रदेश में 2,800 नामांकन-पत्र जमा हुए हैं. इनमें से सबसे ज्यादा नामांकन पत्र रीवा जिले में जमा हुए जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा कुल 162 नामांकन भरे गए. इसके बाद सतना जिले में कुल 156 और भोपाल में कुल 105 नामांकन भरे गए.
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव-2018.  के लिए 2 नवम्बर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी जो 9 नवम्बर तक चली. अब 12 नवम्बर को नामांकन फॉर्म की स्क्रूटनी होगी और 14 नवम्बर तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा. मध्य प्रदेश में इसके बाद 28 नवम्बर को मतदान की तारीख तय की गई है जिसके लिए 11 दिसम्बर को मतगणना होगी



मालवा में बाग़ी बिगाड़ रहे हैं बीजेपी-कांग्रेस दोनों के समीकरण

मालवा में बाग़ी बिगाड़ रहे हैं बीजेपी-कांग्रेस दोनों के समीकरण

नीमच नामांकन पत्र दाख़िल करने की तारीख़ बीतने के साथ ही नीमच मंदसौर ज़िले में चुनाव का सीन साफ हो गया है. भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़े दल बगावत से जूझ रहे हैं. लेकिन एक बात ध्यान देने की है कि, बीजेपी में पिछड़े वर्ग के नेता बगावत कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस में सवर्णो के बागी स्वर है. अगर ये बाग़ी मैदान में डटे रहे तो दोनों दलों का खेल बिगड़ जाएगा.
बीजेपी में नीमच से पूर्व विधायक स्व.खुमान सिंह शिवाजी के बेटे सज्जन सिंह चौहान ने बगावत कर दी है. वो सोंधिया समाज के हैंं. इस समाज के करीब दस हज़ार वोट हैं. फिर स्व.शिवाजी का बड़ा नाम है. उन्होंने सात चुनाव विधान सभा चुनाव लड़े और पांच बार विधायक रहे. यहीं से मेनारिया ब्राह्मण और विहिप के पूर्व जिला संयोजक बाबूलाल नागदा भी मैदान में आ गए हैं. इनकी बिरादरी और सकल ब्राह्मण समाज के लोगों को मिलाकर पंद्रह हज़ार वोट हैं. जावद से कद्दावर भाजपा नेता पूर्ण अहीर ने भी निर्दलीय पर्चा भरा है. उनका ज़मीनी आधार बेहद मज़बूत है.  अगर वो मैदान में टिके तो भाजपा की मुश्किल बढ़ सकती है.

बीजेपी में दूसरा बड़ा रिवोल्ट गरोठ में हुआ. यहां से वर्तमान विधायक चन्दर सिंह सिसौदिया को टिकट नहीं मिला तो वो बाग़ी हो गए. यहां उनके सोंधिया समाज के तीस हज़ार से अधिक वोट हैं. वो पार्टी को बड़ी चुनौती दे सकते है. पार्टी ने यहां से देवीलाल धाकड़ को उम्मीदवार बनाया है. सुवासरा में भी बीजेपी नेता गोपाल काला ने बगावत का बिगुल बजा दिया है. वो पोरवाल समाज से हैं और इस समाज के यहां बीस हज़ार वोट हैं.

यदि कांग्रेस की बात करें तो जावद से समंदर पटेल बाग़ी हो गए. यहां 20 हजार पटेल वोट हैं.  ये वोटर कटटर भाजपा के माने जाते हैं इसलिए हो सकता है इसका नुकसान भाजपा को अधिक हो. जबकि नीमच से मधु बंसल ने ताल ठोंक दी है. वो कारोबारी हैं और इस समाज के यहाँ पंद्रह हज़ार वोट हैं. सुवासरा सीतामऊ से कांग्रेस के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष ओम सिंह भाटी ने पूरे दमखम से बागी पर्चा भरा. यहां राजपूत वोट  तीस हज़ार हैं. सभी ने एकमत होकर भाटी को उम्मीदवार घोषित किया.
कांग्रेस की जिला कार्यवाहक अध्यक्ष और नीमच से बागी चुनाव लड़ रहे मधु बंसल का कहना है पार्टी आलाकमान ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है. उन नेताओ को उम्मीदवार बनाया गया जिन्होंने पार्टी से बगावत की और पार्टी को हराया.

Tuesday, September 18, 2018

प्रदेश के होटल उद्योग क्षेत्र में निवेश हुआ 958 करोड़

प्रदेश के होटल उद्योग क्षेत्र में निवेश हुआ 958 करोड़

14 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

भोपाल : मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में 3 वर्षो में होटल उद्योग में 958.33 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश हुआ है। निवेश के लिये मध्यप्रदेश पर्यटन को 73 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। वर्ष 2016 से 2018 तक मध्यप्रदेश पर्यटनविभाग ने पर्यटन नीति के आधार पर होटल व्यवसायियों को 62.71 करोड़ रूपये की सब्सिडी स्वीकृत कर वितरित कर दी है।

पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव श्री हरिरंजन राव ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में होटल व्यवसाय का प्रमुख स्थान है। मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति से आकर्षित होकर पूरे विश्व के होटल व्यवसायी प्रदेश में निवेश के लिये आकर्षित हुए है। प्रदेश में विगत वर्षो 4 कन्वेनशन सेन्टर, 2 रिसोर्ट, 4 डिलक्स होटल, 27 बजट और स्टेर्ण्ड होटल और एक रोप-वे शुरू हो चुके है। इन होटलों के प्रारंभ होने से पर्यटकों और अतिथियों को प्रदेश में 2975 नये रूम उपलब्ध हो गये है।
श्री राव ने बताया कि मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति से पूरे देश में प्रदेश की अलग पहचान बनी है। नीति में आवश्यकता अनुसार निरन्तर परिवर्तन भी किये जा रहे हैं। अब प्रदेश के 6 प्रमुख पर्यटन क्षेत्र इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, कान्हा और सतना में 'होम स्टे' की 99 यूनिट तैयार है, जिनमें पर्यटकों के लिये 327 रूम उपलब्ध हैं। होम स्टे कान्सेप्ट में खाली बंगलों और मल्टी में पर्यटन नीति के अनुसार रूम तैयार कर पर्यटकों को उपलब्ध कराये जाते हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिये 849 हेक्टेयर क्षेत्र का लैंडबैंक उपलब्ध है। प्रदेश के पांच पर्यटन रीजन इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो रीजन में 144 जगहों पर निवेश के लिये यह लैंडबैंक है। भोपाल रीजन में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिये पर्यटन विभाग द्वारा लैंडबैंक बनाया गया है।
निवेश के 17 प्रस्तावों पर 96.85 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवा दी गयी है। ऑरेन्ज सिटी, महिन्द्रा हॉलिडे, स्टेट एक्सप्रेस ग्रुप, जहानुमा पैलेस, बेकस्पेल ग्रुप प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में मुख्य निवेशक हैं। इससे पर्यटन विभाग को 30.77 करोड़ रूपये का प्रीमियम रेवेन्यू भी प्राप्त हुआ है। इनमें से 3 यूनिट प्रारंभ हो गयी हैं, जिनमें 18 करोड़ रूपये का निवेश हुआ है।

 

Monday, September 10, 2018

रायपुर : संचार क्रांति योजना : प्रदेश में 12 और 13 सितम्बर को नहीं बंटेंगे स्मार्ट फोन

रायपुर : संचार क्रांति योजना : प्रदेश में 12 और 13 सितम्बर को नहीं बंटेंगे स्मार्ट फोन

मुख्यमंत्री ने तीजा और गणेश चतुर्थी में बहनों की सुविधा को
ध्यान में रखकर अधिकारियों को दिए निर्देश
शुक्रवार 14 सितम्बर से फिर शुरू होगा वितरण का सिलसिला
 रायपुर: संचार क्रांति योजना के तहत महिलाओं को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरण बुधवार 12 सितम्बर और गुरूवार 13 सितम्बर को नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं का प्रमुख पर्व तीजा 12 सितम्बर को मनाया जाएगा। अगले दिन 13 सितम्बर को गणेश चतुर्थी है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को तीजा और गणेश चतुर्थी के दिन बहनों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्रदेश भर में मोबाइल फोन वितरण का कार्यक्रम स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के अधिकारियों ने आज बताया कि 12 सितम्बर को वितरित किए जाने वाले स्मार्ट फोन अब तीन अक्टूबर को बांटे जाएंगे। शुक्रवार 14 सितम्बर से मोबाइल फोन का वितरण पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फिर शुरू हो जाएगा।

रायपुर : प्रधानमंत्री के रूर्बन मिशन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार

रायपुर : प्रधानमंत्री के रूर्बन मिशन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार

इस महीने की 11 तारीख को नई दिल्ली में सम्मानित होगा राज्य मुख्यमंत्री ने दी बधाई: कहा-राज्य के लिए गौरव की बात 


रायपुर,  केन्द्र सरकार ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत हुए कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मंगलवार ग्यारह सितम्बर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गांवों को उनके मूल स्वरूप में रखते हुए ग्रामीणों को शहरों जैसी हर प्रकार की बुनियादी सुविधा दिलाने के लिए इस मिशन की शुरूआत की है। 
छत्तीसगढ़ के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लगभग ढाई साल पहले 21 फरवरी 2016 को इस मिशन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ राज्य के विकासखण्ड डोंगरगढ़ (जिला-राजनांदगांव) के नजदीक कुर्रूभांठ में किया था। प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले इस मिशन में छत्तीसगढ़ लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। केन्द्र सरकार ने लगभग 9 महीने पहले 08 दिसंबर 2017 को भुवनेश्वर (ओड़िशा) में आयोजित कार्यक्रम में देश के पूर्वी राज्यों में छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया था। अब एक साल के भीतर यह दूसरा अवसर है जब छत्तीसगढ़ इस मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रहा है और वह भी प्रथम पुरस्कार से।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसके लिए रूर्बन मिशन से संबंधित क्लस्टरों की ग्राम पंचायतों, वहां के ग्रामवासियों, पंच-सरपंचों सहित प्रदेशवासियों को भी बधाई दी है। डॉ. सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता के इस मिशन में छत्तीसगढ़ का चयन राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार के लिए होना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं को अमलीजामा पहनाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी प्रशंसा की है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने भी इस उपलब्धि पर खुशी प्रकट की है और बधाई दी है। 
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि रूर्बन मिशन में प्रदेश के 16 जिलों-राजनांदगांव, धमतरी, बस्तर, कबीरधाम, महासमंुद, जांजगीर- चांपा, कोरिया, कोरबा, कांकेर, सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़, कोण्डागांव, जशपुर, रायपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में तीन चरणों में 18 रूर्बन ग्राम पंचायत समूह (क्लस्टर) बनाकर इन क्लस्टरों की 172 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध ढंग से विभिन्न प्रकार के विकासमूलक कार्य करवाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि रूर्बन मिशन के प्रथम चरण में चार रूर्बन क्लस्टर चुने गए, जिनमें ग्राम मुरमुंदा (जिला-राजनंादगांव), लोहरसी (जिला-धमतरी), कुण्डा (जिला-कबीरधाम), मड़पाल (जिला-बस्तर), सोनहत (जिला-कोरिया), हरदीबाजार (जिला-कोरबा), बड़े कापसी (जिला-कांकेर) और रघुनाथपुर (जिला-सरगुजा) को शामिल किया गया। इन क्लस्टरों में से प्रत्येक के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की गई। प्रथम चरण के क्लस्टरों के लिए वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक की परियोजना बनाई गई है। 
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में छह रूर्बन क्लस्टर बनाए गए जिनमें ग्राम भंवरपुर (जिला-महासमुंद), ग्राम जेठा (जिला-जांजगीर-चांपा) सोनहत (जिला-कोरिया), हरदीबाजार (जिला-कोरबा), बड़े कापसी (जिला-कांकेर) और रघुनाथपुर (जिला-सरगुजा) शामिल है। इनकी परियोजना वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के लिए तैयार की गई है। तृतीय चरण में आठ नये रूर्बन क्लस्टर बनाए गए। इनमें रामपुर (जिला-धमतरी), बिरकोना (जिला-कबीरधाम), जयरामपुर (जिला-बिलासपुर), मिरीगुड़ा(जिला-रायगढ़), बड़े कनेरा (जिला-कोण्डागांव), पालीडीह (जिला-जशपुर), मंदिरहसौद (जिला-रायपुर) और बसंतपुर (जिला-बलरामपुर-रामानुजगंज) शामिल किए गए हैं। तृतीय चरण के क्लस्टरों के लिए भी परियोजना अवधि वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 निर्धारित की गई है। रूर्बन मिशन में छत्तीसगढ़ का चयन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले राज्यों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के लिए किया गया है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक सुश्री रूपअवतार कौर ने प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री पी.सी. मिश्रा को पत्र लिखकर इस आशय की सूचना दी है और यह भी बताया है कि पुरस्कार वितरण समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। 
रूर्बन मिशन में छत्तीसगढ़ की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियां 
अधिकारियों के अनुसार यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि रूर्बन मिशन के इन सभी 18 क्लस्टरों की 172 ग्राम पंचायतें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त हो चुकी हैं। इसके अलावा प्रथम और द्वितीय चरण के 10 क्लस्टरों में शामिल 116 ग्राम पंचायतों में से 51 ग्राम पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 क्लस्टरों में 10 हजार 365 गरीब परिवारों को पक्के मकान स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 9 हजार 412 (लगभग 90.8 प्रतिशत) मकानों का पूर्ण हो गया है। इन दस क्लस्टरों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 34 हजार 737 गरीब परिवारों में से 27 हजार 703 महिला हितग्राहियों (79.8 प्रतिशत) को रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर दिया जा चुका है। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए चल रही कौशल विकास योजना के तहत दस क्लस्टरों में 8 हजार 983 युवाओं को विभिन्न व्यवसायों के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। इतना ही नहीं बल्कि 10 क्लस्टरों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के साथ नागरिक सेवा केन्द्रों की भी शुरूआत हो चुकी है। 
रायपुर : चित्रकोट और गंगरेल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा

रायपुर : चित्रकोट और गंगरेल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा

  

 रायपुर, मुख्य सचिव  अजय सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और अन्य विभागों द्वारा प्रदेश के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। श्री सिंह ने बैठक में कहा कि बस्तर का चित्रकोट और धमतरी जिले में स्थिल गंगरेल बांध पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं। इन स्थलों में पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। श्री सिंह ने बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए। श्री सिंह ने बस्तर में चित्रकोट विकास प्राधिकरण बनाने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकाएं शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव ने चित्रकोट जल प्रपात में लाईटिंग, रंगीन आकर्षक फव्वारा और लिफ्ट लगवाने के कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने चित्रकोट में स्थित विश्राम भवन में पर्यटकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। चित्रकोट पहुंचने के लिए रोड कनेक्टिविटी और बढ़ाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
    पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ट्रायबल टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत चित्रकोट में लगभग 12 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इनमें नेचर ट्रैल, लाग हट्स, टूरिस्ट फैसिलेशन और ट्रायबल इंटरप्रेशन सेंटर, पगोड़ा, एम्फ्रीथियेटर, लिफ्ट, सोलर प्रकाशीकरण, पार्किंग, रेन शेल्टर, लैण्ड स्कोपिंग, साईनेजस, बोरबेल, पम्प रूम और ड्रैनेज, सालिड बेस्ट मेनेजमेंट के कार्य किए जा रहे हैं। इसी तरह से यहां पर वाटर स्पोटर््स और एडवेंचर स्पोटर््स की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धमतरी जिले के गंगरेल बांध के पास भी पर्यटकों की सुविधा के लिए बांध के पास चिल्ड्रन पार्क, सोलर लाईट, कॉटेज, रेस्टोरेंट, लैण्डस्कोप और वाटर स्पोटर््स कॉमप्लेक्स बनाया जा रहा है। बैठक में पर्यटन, संस्कृति एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिक बारिक, बस्तर कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन, धमतरी कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री एम.टी. नंदी, महाप्रबंधक श्री संजय सिंह सहित वन विभाग, जल संसाधन, लोक निर्माण, उर्जा, आवास एवं पर्यावरण सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।