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Friday, February 8, 2019

 छत्तीसगढ़ में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनेगा विशेष सेल: भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनेगा विशेष सेल: भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री शामिल हुए सतत विकास लक्ष्यों पर संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में 

रायपुर: राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में पांचवीं विधानसभा में प्रथम बार निर्वाचित हुए विधायकों के लिए ’सतत विकास लक्ष्यों पर संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण’ कार्यशाला का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों का उद्देश्य जनकल्याण है। विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। राज्य में सतत विकास हेतु निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) का गठन किया जाएगा, जो कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही इन कार्यों की निगरानी भी करेगा। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि मानव कल्याण के लिए जन घोषणा पत्र में 36 बिन्दु शामिल हैं, जिनकों प्राप्त करने के लिए शासन द्वारा कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इन बिन्दुओं में मानव जीवन, कृषि, पशुपालन, जल संरक्षण एवं संवर्धन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा एवं रोजगार आदि महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी- नरवा, गरूवा, घुरवा और बारी पर ध्यान देने के लिए कार्य योजना बनाई है। इस कार्य को संबंधित विभाग मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां भूमिगत जल बहाव के चित्र सेटेलाइट के माध्यम से लिए गए हैं। सतही जल को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से कार्य करना है। ज्यादा से ज्यादा वाटर रिचार्जिंग हो, भूमिक्षरण रोका जा सके, इस दिशा में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था और गौठान की सुरक्षा का कार्य किया जाएगा। गरूवा अर्थात गाय जो दूध देने का काम करती है, उसे फिर से किसानों की आर्थिक ताकत बनाने के लिए प्रदेश की 20 हजार से अधिक पंचायतों में गौठान का चिन्हांकन और चारागाह की सुरक्षा के लिए स्थान चिन्हांकित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इस कार्य से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। गोबर गैस प्लांट से मात्र 300 से 400 रूपए में भोजन पकाने की व्यवस्था होगी और कम्पोस्ट खाद के उपयोग से रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी। भूमिक्षरण को रोकने जल संरक्षण का कार्य किया जाएगा। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि योजना विभाग जो कार्य योजना बनाता है, उसमें सभी का व्यापक हित सम्मिलित होता है। सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य के संसाधनों का संतुलित उपयोग हो और इसका प्रभावी असर लम्बे समय तक रहे। यह कार्यशाला लक्ष्यों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रारंभिक पहल है। लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी के सहयोग से नियोजित रूप से कार्य करते हुए बेहतर परिणाम प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। 
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान ने अपने उद्बोधन में कहा कि सतत विकास वैश्विक अवधारणा है। सतत विकास लक्ष्य और ‘जन-घोषणा पत्र’ में शामिल बिन्दुओं में अनेक समानताएं है। सतत विकास लक्ष्य कुछ सीमा तक ‘अंतर्पीढि़य समता’ अर्थात ‘इंटरजनरेशन इक्विटी’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य है कि मानव कल्याण कार्य में कोई भी व्यक्ति विकास की धारा में ना छूटे। जन घोषणा पत्र में इन लक्ष्यों के निर्धारण में व्यक्ति की जन आकांक्षाओं को जनता से चर्चा करके तैयार किया गया है। इसके साथ ही पृथ्वी एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए ‘नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी’ की योजना का क्रियान्वयन और शांति स्थापित करने की दिशा में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। आर्थिक समृद्धि हेतु सभी का आर्थिक रूप से विकास हो तथा समुदाय के उन्नयन और विकास में सभी की सहभागिता हो, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऑक्सफेम इंडिया श्री अमिताभ बेहार, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के योजना, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ डॉ. के.डी. मैटी सहित नवनिर्वाचित विधायक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

Monday, February 4, 2019

मुख्यमंत्री ने पद्मा और टिकेश्वरी को उत्कृृष्ट प्रदर्शन के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री ने पद्मा और टिकेश्वरी को उत्कृृष्ट प्रदर्शन के लिए दी बधाई

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की पद्मा ब्यौहार द्वारा शोतोकान कराते और टिकेश्वरी साहू द्वारा थाई बॉक्सिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इन बेटियों में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत कर देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन किया है।
     उल्लेखनीय है कि विशाखापत्तनम में यूनाइटेड शोतोकान कराते डू इंडिया और कराते एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा तृतीय अंतर्राष्ट्रीय चेम्पियनशिप का आयोजन गत रविवार को सम्पन्न हुआ था। इस प्रतियोगिता में 65 किलोग्राम वर्ग में छत्तीसगढ़ की पद्मा ब्यौहार ने भूटान की प्रतिभागी को हराकर गोल्ड मेडल जीता है। इसी प्रकार गोवा में आयोजित वर्ल्ड थाई बाक्सिंग फेडरेशन और थाई बाक्सिंग इंडिया फेडरेशन के तत्वाधान में एक से तीन फरवरी तक आयोजित चेम्पियनशिप में 44 किलोग्राम वर्ग में छत्तीसगढ़ की टिकेश्वरी साहू ने बिहार की सुनीता कुमारी को हराकर गोल्ड मेडल जीता है।
मुख्यमंत्री भुपेश बघेल आज रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम गुल्लू में मैट्स यूनिवर्सिटी के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए

मुख्यमंत्री भुपेश बघेल आज रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम गुल्लू में मैट्स यूनिवर्सिटी के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम गुल्लू में मैट्स यूनिवर्सिटी के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में  उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, नगर निगम रायपुर की पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक और यूनिवर्सिटी के चान्सलर श्री गजराज पगारिया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके पालकगण उपस्थित थे। 

Wednesday, January 23, 2019

रायपुर : वन अधिकार मान्यता एक्ट से  नागरिक बने अधिकार सम्पन्न : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

रायपुर : वन अधिकार मान्यता एक्ट से नागरिक बने अधिकार सम्पन्न : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

वन अधिकारों की मान्यता एक्ट पर परिचर्चा 


रायपुर, 23 जनवरी 2019

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज ‘‘अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006’’ एवं इसके संशोधित नियमों के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा-परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्ट के माध्यम से 13 दिसम्बर 2005 से पूर्व वन क्षेत्रों में तीन पीढि़यों एवं 75 सालों से रहने वाले नागरिकों को लाभान्वित करने का प्रावधान है। जरूरत इस बात की है कि इन नियमों का भली-भॉति पालन हो और वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनका अधिकार मिल सके, वे समृद्ध बने और इससे छत्तीसगढ़ भी बेहतर बनें। उन्होंने इसके लिए अनुविभाग स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर लंबित प्रकरणों के निराकरण करने को कहा। 

    श्री बघेल ने कहा कि वन क्षेत्रों में नागरिक हजारों वर्षो से रह रहे हैं। उन्होंने अपना नाम पटवारी रिकार्ड में दर्ज कराने के लिए संघर्ष नहीं किया। रिकार्ड में उनका नाम नहीं होना, अपराध नहीं है। सरकार ने उनकी भावना और समस्याओं को समझा है। उनके जायज अधिकार उन्हें मिलने चाहिए। उन्होंने इस कार्य को एक अभियान की तरह लेने की जरूरत है, लेकिन इस बात की भी सावधानी रखने की जरूरत है कि हड़बड़ी में रिकार्ड गलत न बन जाए, क्योकि गलत रिकार्ड को सुधारवाने में बरसों का समय लग जाता है। इस एक्ट के क्रियान्वयन के लिए राजस्व, वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को मिलजुल कर समन्वय से कार्य करने की जरूरत है, जिससे कानून का सहीं ढ़ंग से पालन हो। 
    मुख्यमंत्री ने पूर्व में अपनाये गए सामुदायिक दावों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैय्या को बदलने को कहा तथा यह भी कहा कि जंगल को बचाने का कार्य जंगल के लोग ही अच्छे से कर सकते हैं। अगर समुदाय द्वारा सामुदायिक दावा नहीं किया गया तो उसे अभी भी लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को लगना चाहिए कि यह सरकार हमारी है और इसके अधिकारी और कर्मचारी उनके सहयोगी और मार्गदर्शक है। ऐसा भाव अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में भी होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के नागरिकों को उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए स्वयं आगे बढ़ कर कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले भविष्य में जंगलों में अतिक्रमण नहीं हो, इसके लिए भी पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है। अतिक्रमण से जंगल को बचाने में वन प्रबंधन समिति और ग्राम सभा सक्षम है और उन्हें अपनी अहम भूमिका निभाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के क्रियान्वयन में जहां वन एवं राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है, वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग नोडल विभाग है। उन्हें अपने दायित्वों का सक्रियतापूर्वक निर्वहन करने की जरूरत है। 
    अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि वन अधिकार पत्र सरकार की घोषणा पत्र में शामिल है। इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। वन क्षेत्र में रहने वाले पात्र व्यक्तियों एवं समुदाय को वन अधिकार पत्र एवं सामुदायिक अधिकार पत्र दिए जाएगें। वन क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासी एवं गैर आदिवासी जंगल को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि उसका बेहतर प्रबंधन करते हैं। वन क्षेत्र में खेती करने वालों को भी अधिकार मिलना चाहिए। वन अधिकार पत्र देने के लिए गठित समितियों को पुर्नजीवित किया जाएगा। अधिनियम के प्रावधान के तहत निर्धारित तिथि की एक दिन पहले का भी कब्जा है तो उसे अधिकार दिया जाएं। उन्होंने इस संबंध में जनजागरूकता बढ़ाने और स्थानीय भाषा में जानकारी दिए जाने की जरूरत है।

    वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जो अधिकार पत्र दिए गए है, उसमें काबिज भूमि कम होने या कब्जा का स्थान परिवर्तित होने जैसी शिकायतों भी आती है इनका भी निराकरण होना चाहिए। वन विभाग वन अधिकार पत्र वितरण के बाद इसका प्रबंधन भी देखे। 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने सुझाव दिया कि वन अधिकार मान्यता पत्र में जाति का उल्लेख किया जाए जिससें भविष्य में इसका उपयोग जाति प्रमाण पत्र बनाने में भी किया जा सकें। प्रसिद्ध समाज सेवी श्री राजगोपाल ने वन क्षेत्रों में अपने अधिकार के लिए संघर्ष करने वालों के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ की सरकार गरीबों और वनवासियों के कल्याण के बारे में समुचित कदम उठा रही है।  
    परिचर्चा में मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव, मुख्यमंत्री एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी एवं श्री प्रदीप शर्मा सहित महाराष्ट्र और ओडिशा राज्यों में वन अधिकार अधिनियम के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयं सेवी संस्थाओं, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर, वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी, वन समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Monday, January 21, 2019

रायपुर : मुख्यमंत्री से रसोइया संघ की मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री से रसोइया संघ की मुलाकात


रायपुरमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां मंत्रालय (महानदी भवनमें कांकेर के विधायक श्री शिशुपाल सिंह सोरी के नेतृत्व में रसोइया संघ केप्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने किया मैराथन सहभागियों का उत्साहवर्धन

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने किया मैराथन सहभागियों का उत्साहवर्धन

विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए श्री शर्मा

 
भोपाल :जनसम्‍पर्क, विधि एवं विधायी, विज्ञान एवं विमानन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी.शर्मा ने आज टी.टी. नगर स्टेडियम में मैराथन के सहभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद से तन और मन दोनों ही स्वस्थ रहते हैं।
श्री शर्मा पंचशील नगर के जैन मंदिर में पूजा में भी शामिल हुए। उन्होंने रहवासियों को आश्वस्त किया कि संपूर्ण प्रोजेक्ट बनाकर सड़क और नाली संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। श्री शर्मा बिसनखेड़ी में गुजराती समाज के पूजन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में श्री शर्मा का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया।

भदभदा बस्ती में 45 दिन में होगी पेयजल व्यवस्था

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने भदभदा बस्ती के रहवासियों के बीच पहुँचकर आश्वस्त किया कि उनकी पेयजल समस्या का निराकरण 45 दिन में कर दिया जाएगा। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को मोबाइल पर ही समस्या के निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भदभदा बस्ती में शीघ्र ही बिजली के समुचित इंतजाम किए जायेंगे। रहवासियों की स्थायी आवासीय व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम में पार्षद श्री मोनू सक्सेना भी मौजूद थे।
शिवनाथ से पानी लाकर कुम्हारी जलाशय भरने के प्रस्ताव का होगा सर्वेक्षण : श्री  बघेल

शिवनाथ से पानी लाकर कुम्हारी जलाशय भरने के प्रस्ताव का होगा सर्वेक्षण : श्री बघेल

मुख्यमंत्री शामिल हुए मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में गरूवा अब गरू नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का बनेंगे आधार 

रायपुर: मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज बलौदाबाजार जिले के ग्राम सकलोर में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से पानी लाकर कुम्हारी सहित आस-पास के जलाशयों को भरने के किसानों  से आए प्रस्ताव का सर्वेक्षण कराया जाएगा। उन्होंने जिला कलेक्टर को इस महत्वपूर्ण परियोजना का सर्वेक्षण रिपोर्ट 10 दिनों में राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे सकलोर सहित आस-पास के लगभग 43 गांवों के किसानों के खेतों की प्यास बुझेगी और बार-बार के अकाल से अंचल के किसानों को मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए राशि की कमी आड़े नहीं आएगी। 
सम्मेलन की अध्यक्षता मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामकुमार सिरमौर ने की। विशेष अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, स्थानीय विधायक श्री प्रमोद कुमार शर्मा, बिलाईगढ़ के विधायक श्री चंद्रदेव राय और मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समारोह में समाज के पुरखों को नमन कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने का सबसे पहले सपना डॉ. खूबचंद बघेल ने देखा था। उनका सपना धीरे-धीरे वास्तविक रूप लेता गया और वर्ष 2000 मंे छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि नई सरकार छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों, किसानों और गरीबों की हमदर्द सरकार है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन होने के बाद दो घण्टे मंे ही किसानों के ऋण माफ कर दिए गए। धान की खरीदी 2500 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि दो हजार 50 और 2500 रूपए के अंतर की राशि भी किसानों को उनके खाते में फरवरी में मिल जाएगी। झीरम घाटी के पीडि़त परिवारों को भी न्याय मिलेगा। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। बस्तर में टाटा कम्पनी द्वारा अधिग्रहित भूमि भी वास्तविक हकदार किसानों को लौटाने का फैसला सरकार ने लिया है। दस गांवों के एक हजार 700 किसानों की 4 हजार 200 एकड़ भूमि उन्हें लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, घुरवा, गरूवा और बारी का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गांवों का समन्वित विकास किया जाएगा। गांवों में गायों के लिए पक्के गोठान और दैहान विकसित किए जाएंगे। गरूवा अब गांव और किसान के लिए गरू (बोझ) नहीं बल्कि उनके आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण आधार होंगे। गोबर से घर-घर में बायोगैस से खाना बनेगा। पशुओं को उन्नत प्रजाति में बदला जाएगा ताकि वे किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद हों। उन्होंने मनरेगा योजना को खेती-किसानी से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी के लिए वचनबद्ध है। लेकिन इसे ऊपर से थोपा नहीं जाएगा। समाजों की बैठक लेकर इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बुराई पर समाज में मंथन होगा। उनकी सहमति और बताए गए सुझाव के अनुरूप इसका क्रियान्वयन किया जाएगा ताकि यह टिकाऊ बन सके। सामाजिक और राजनीतिक दोनों तरीके से हम इस बुराई पर प्रहार करेंगे ताकि हमें पूरी सफलता मिल सके।
       मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में विशिष्ट योगदान करने वाले सामाजिक बन्धुओं का कुर्मी समाज की ओर से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार से ही किसी समाज की पहचान होती है। इसलिए सभी समाजों को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। समारोह को मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश प्रमुख डॉ. रामकुमार सिरमौर ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से सकलोर क्षेत्र में पानी लाने की पुरजोर मांग की और स्थानीय समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। बलौदाबाजार राज के राजप्रधान श्री नरेन्द्र कश्यप ने प्रतिवेदन के जरिए सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। सम्मेलन में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, पूर्व विधायक श्री जनकराम वर्मा और पूर्व विधायिका श्रीमती लक्ष्मी बघेल सहित बड़ी संख्या में कुर्मी क्षत्रिय समाज के लोग और ग्रामीणजन शामिल हुए। कलेक्टर श्री जे.पी.पाठक, एसपी श्री प्रशांत अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


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